एन.ए.ए.सी. देश के कई संस्थानों में हर दिन होने वाली कई समकक्ष टीम के दौरे के अलावा संगोष्ठी और कार्यशालाओं की सुविधा प्रदान करता है। एन.ए.ए.सी. विभिन्न राज्य सरकारों और व्यावसायिक मंडलो के साथ भी मूल्यांकन और मान्यता के लिए एक वकालत बनाने के लिए भागीदार है। मूल्यांकनकर्ता परिचर्चा बैठकें (एआईएम), आई.क्यू.ए.सी. बैठक और सरकारी एजेंसियों के साथ वार्तालाप एन.ए.ए.सी. की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रायोजित संगोष्ठी

इस योजना का मूल उद्देश्य संगठनों / संस्थानों को कार्यशाला आयोजित करने में सक्षम बनाना है जो संस्थानों के साथ-साथ कार्यक्रमों में गुणवत्ता का बढ़ावा देगा। गुणवत्ता निर्वहनीयता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों पर, मूल्यांकन और मान्यता को बढ़ावा देने में, आंतरिक गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली, सर्वोत्तम प्रथाओं के संवर्धन और साझाकरण तथा गुणवत्ता आश्वासन अथवा उच्चतर शिक्षा में किसी भी गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों में छात्र की भागीदारी पर समर्थन के लिए प्राथमिकता क्षेत्र रहेंगे ।

  • शिक्षण, ज्ञानार्जन और मूल्यांकन
  • शैक्षणिक और प्रशासन लेखा परीक्षा
  • पाठ्यक्रम का उद्देश्य तथा विकास

 

संगोष्ठी अनुदान की मंजूरी हेतु तौर-तरीके

  • संस्थानों को संगोष्ठी के आयोजन के लिए निर्धारित तिथियों से छ: से आठ महीने से पहले अपने प्रस्तावों को प्रस्तुत करने की आवश्यकता है ताकि प्रत्येक वर्ष दिसंबर और जून में होने वाली एन.ए.ए.सी. की संगोष्ठी समिति की बैठकों में विचार किया जा सके ।
  • संसंस्थानों को संगोष्ठी की निर्धारित तिथियों को निर्दिष्ट करना होगा और उसका सख्ती से पालन करना चाहिए। एन.ए.ए.सी. संगोष्ठी की निर्धारित तिथियों में किसी भी परिवर्तन के लिए सहमती नहीं देगा ।
  • अनुदान केवल प्रतिपूर्ति के आधार पर होगा। अनुदान के जारी कार्यक्रम संपन्न के पश्चात तथा एक महीने के भीतर मूल रूप से बिल जमा करने पर ही होगा। यदि दावों को प्रस्तुत करने में कोई देरी होती है, तो दावों की प्रतिपूर्ति के लिए कार्रवाई नहीं की जाएगी।
  • वित्तीय वर्ष के भीतर एन.ए.ए.सी. के वार्षिक खातों को समय पर निपटान सुनिश्चित करने के लिए वरियत: फरवरी और मार्च के महीनों के लिए निर्धारित किसी भी कार्यक्रम पर विचार नहीं किया जाएगा।

आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (आई.क्यू.ए.सी.)

आई.क्यू.ए.सी.

निष्पादन मूल्यांकन, मूल्यांकन तथा मान्यता और उच्चतर शिक्षा के संस्थानों के गुणवत्ता उन्नयन के लिए अपनी कार्य योजना के अनुसरण में, एन.ए.ए.सी. का प्रस्ताव है कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त संस्थान मान्यतोत्तर गुणवत्ता निर्वाह उपाय के रूप में एक आंतरिक-गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) को स्थापित करना चाहिए। चूंकि गुणवत्ता वृद्धि एक सतत प्रक्रिया के कारण, आई.क्यू.ए.सी. संस्थान की प्रणाली का एक हिस्सा बन जाएगा और गुणवत्ता वृद्धि और निर्वहनीयता के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में कार्य करेगा। आई.क्यू.ए.सी. का मुख्य कार्य संस्थानों के समग्र निष्पादन में सचेत, एकरूपता और उत्प्रेरक सुधार के लिए एक प्रणाली विकसित किया जाना है। इसके लिए, मान्यता के बाद की अवधि के दौरान, यह अपनी समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने केलिए संस्था के सभी प्रयासों और उपायों का रास्ता बनाएगा ।

रणनीतियाँ

आई.क्यू.ए.सी. निम्नवत क्रियाविधि और प्रक्रियाओं का विकसित करेगा ।
  • शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का समय पर, दक्षतापूर्णा और प्रगतिशील निष्पादन सुनिश्चित ।
  • शैक्षिक और अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रासंगिकता और गुणवत्ता
  • समाज के विभिन्न वर्गों के लिए शैक्षणिक कार्यक्रमों की समान उपलब्धता और सामर्थ्य
  • शिक्षण और ज्ञानार्जन के आधुनिक तरीकों का अनुकूलन और एकीकरण
  • मूल्यांकन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता
  • समर्थन संरचना और सेवाओं की पर्याप्तता, रखरखाव और कामकाज को सुनिश्चित करना
  • भारत और विदेशों में अन्य संस्थानों के साथ अनुसंधान साझाकरण और नेटवर्किंग

प्रकार्य

आई.क्यू.ए.सी. से अपेक्षित कुछ प्रकार्य हैं-
  • संस्था के विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए गुणवत्ता मानदंड / मापदंडों का विकास एवं अनुप्रयोग।
  • सहभागी शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक ज्ञान और प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संकाय परिपक्वता के अनुकूल सीखने का माहौल निर्माण करने की सुविधा।
  • गुणवत्ता से संबंधित संस्थागत प्रक्रियाओं पर छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया की व्यवस्था ।
  • उच्चतर शिक्षा के विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर सूचना का प्रचार।
  • अंतर-संस्थागत कार्यशालाओं का आयोजन, गुणवत्ता से संबंधित विषयों पर संगोष्ठी और गुणवत्ता परिमंडलों को बढ़ावा देना।
  • गुणवत्ता सुधार की ओर विभिन्न कार्यक्रमों / गतिविधियों का प्रलेखीकरण ।
  • सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और प्रसार सहित गुणवत्ता से संबंधित गतिविधियों के समन्वय के लिए संस्था की एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना।
  • संस्थागत गुणवत्ता को बनाए रखने / बढ़ाने के उद्देश्य से एम.आई.एस के माध्यम द्वारा संस्थागत डेटाबेस का विकास और रखरखाव।
  • संस्था में गुणवत्ता संस्कृति का विकास
  • एनएएसी को प्रस्तुत किए जाने वाले एनएएसी के दिशानिर्देशों और मापदंडों के अनुसार वार्षिक गुणवत्ता आश्वासन रिपोर्ट (ए.क्यू.ए.आर.) को तैयार करना।

हितलाभ

आई.क्यू.ए.सी. निम्नवत सुविधा / योगदान प्रदान करेगा
  • गुणवत्ता में वृद्धि के लिए संस्थागत कामकाज में स्पष्टता का स्तर बढ़ाना और ध्यान केंद्रित को सुनिश्चित करना
  • गुणवत्ता संस्कृति का आंतरिकीकरण सुनिश्चित करना
  • संस्था की विभिन्न गतिविधियों के बीच वृद्धि और समन्वय सुनिश्चित करना और सभी अच्छे प्रथाओं को संस्थागत बनाना ।।
  • संस्थागत कामकाज सुधारने को निर्णयन के लिए एक ठोस आधार का प्रदान ।
  • उच्च शिक्षा संस्थान में गुणवत्ता परिवर्तन के लिए एक गतिशील प्रणाली के रूप में कार्य।
  • प्रलेखन और आंतरिक संचार की एक संगठित पद्धति का निर्माण।

संरचना

आई.क्यू.ए.सी. को महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक युनिट के प्रमुखों तथा शिक्षक और कुछ प्रतिष्ठित शिक्षाविद और स्थानीय प्रबंधन तथा हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ संस्था के प्रमुख की अध्यक्षता में प्रत्येक संस्था गठित किया जाए ।

आई.क्यू.ए.सी. की संरचना इस प्रकार है -

  1. अध्यक्ष - संस्था के प्रमुख
  2. कतिपय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
  3. तीन से आठ शिक्षक
  4. प्रबंधन से एक सदस्य
  5. स्थानीय समाज, छात्रों और पूर्व छात्रों से एक / दो नामांकित व्यक्ति
  6. नियोक्ता / उद्योगपतियों / हितधारकों से एक या दो नामांकित व्यक्ति
  7. आई.क्यू.ए.सी. के समन्वयक / निदेशक के रूप में वरिष्ठ शिक्षकों में से एक

 

वार्षिक गुणवत्ता आश्वासन रिपोर्ट (ए.क्यू.ए.आर.) की प्रस्तुति

  • As per the Guidelines all the HEIS need to submit AQAR online. Submitting AQAR by e-mail/hard copy is not be accepted w.e.f 1st January 2019.
  • HEIs which have not yet registered to online portal of NAAC need to follow the registration process and requested to register immediately. This is applicable to all HEIs which have been accredited by NAAC. Those who not registered to online portal are not able to submit the AQAR. (For further details of registration process, kindly refer NAAC Website – Apply online page).
  • After registration the AQAR will be available in HEI portal, under the Manage AQAR menu.
  • The academic year displayed in the portal under the Manage AQAR menu for filling AQAR does not consider the reports submitted earlier by email.
  • After submission of AQAR, it will be verified by NAAC and clarification may be asked regarding the data/information provided in the AQAR.
  • During clarification period the HEIs can edit their AQAR based on the clarification requested or may provide the reason for 0/Nil data for any of the metrics, in the response box and re-submit the AQAR. The last date for submission of response will be 15 days from date of clarification requested.
  • After re-verification of the response submitted by HEI the AQAR will be accepted.
  • For each cycle of accreditation with validity period of 5 years, HEIs have to submit only 4 AQARs. In case of extended validity by NAAC for HEIs with ‘A’ grade in three consecutive cycles, wherein the validity period is increased to 7, the HEIs have to submit 6 AQARs.

 

 

 

 

Timeline

  • All accredited HEIs have to submit AQAR regularly to NAAC. On completion of the Academic year, HEIs have to submit the AQAR on or before 31st December of every year, irrespective of their Date of Accreditation.
    • Ex. 1): If an HEI is accredited on 16 Sept. 2019, the HEI need to submit the AQAR of 2018-2019 before December 31, 2019. It means, previous Completed Academic Year (2018-2019) AQAR needs to be submitted.
    • Ex. 2): If an HEI is accredited on 12 March 2020, the HEI need to submit the AQAR of 2019-2020 before December 31, 2020. It means, previous Completed Academic Year (2019-2020) AQAR needs to be submitted.